होर्मुज पार कर मुंद्रा पहुंचा ‘जग लाडकी’, 80800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लाया

देश में LPG सप्लाई की कमी के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात से अपनी यात्रा पूरी कर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया। इस जहाज में करीब 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ था। खास बात यह रही कि यह टैंकर फुजैराह बंदरगाह से उस समय रवाना हुआ जब वहां हाल ही में तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। ऐसे संवेदनशील माहौल में जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फुजैराह हमले के बीच हुआ लोडिंग और रवाना
सरकारी अधिकारियों के अनुसार 14 मार्च 2026 को जब ‘जग लाडकी’ फुजैराह के सिंगल पॉइंट मूरिंग पर कच्चा तेल लोड कर रहा था तभी वहां हमला हो गया। इस हमले से बंदरगाह का कामकाज कुछ समय के लिए बाधित हुआ। इसके बावजूद जहाज ने अपनी प्रक्रिया पूरी की और रविवार सुबह भारतीय समयानुसार 10:30 बजे सुरक्षित रवाना हो गया। इस टैंकर में मुरबान क्रूड ऑयल लदा हुआ था जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह घटना दर्शाती है कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय जहाजों ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा है।

संघर्ष क्षेत्र से सुरक्षित लौटे तीन भारतीय जहाज
‘जग लाडकी’ इस संवेदनशील क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने वाला तीसरा भारतीय जहाज है। इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के जहाज भी सफलतापूर्वक भारत पहुंचे थे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इन जहाजों का सुरक्षित आना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों के सुरक्षित गुजरने का भरोसा दिया है। हालांकि ईरान ने अमेरिका और इजराइल के जहाजों के लिए इस मार्ग को प्रतिबंधित करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे हालात में भारत के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
LPG सप्लाई और ट्रांसफर की तैयारियां तेज
इससे पहले ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जहाजों ने मिलकर 92,712 मीट्रिक टन LPG भारत पहुंचाई थी। ‘नंदा देवी’ वाडिनार बंदरगाह पर लंगर डाल चुकी है जहां से LPG को छोटे जहाज में ट्रांसफर करने की तैयारी चल रही है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार यह ट्रांसफर प्रक्रिया लगभग 1,000 टन प्रति घंटे की रफ्तार से होगी और इसमें करीब दो दिन लग सकते हैं। इस गैस को आगे एन्नोर और हल्दिया बंदरगाहों तक भेजा जाएगा। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को तेजी और सुरक्षा के साथ पूरा करने में जुटी है ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति सुचारू बनी रहे।